Puja Details

ज्योतिष शास्त्र में शास्त्रों आधार पर कुंभ विवाह/अर्क विवाह /और पीपल विवाह का वर्णन मिलता है जन्म पत्रिका में वैधव्य दोष होने पर, विवाह प्रतिबंधक दोष होने पर, सप्तम भाव का मालिक 6 ,8 ,12 भाव में होने पर, कुंडली में सप्तम भाव और सप्तमेश के पीड़ित होने पर, सप्तम भाव का मालिक नीचे नवमांश पर होने पर, 28 योग में से जो अशुभ योग है उसमें जन्म होने पर, सप्तम भाव में मंगल दोष या अंगारक दोष होने पर अर्क विवाह /पीपल विवाह /और कुंभ विवाह करवाया जाता है, यह ग्रहशांति कर्म विवाह आदि संस्कार शुभ नक्षत्र में तथा शिव जी के मंदिर में माता-पिता की उपस्थिति में किया जाता है !