किसी भी जन्म पत्रिका में मंगल के साथ में राहु केतु का प्रभाव या राहु केतु की युति होने के कारण अंगारक दोष का निर्माण होता है यह दोष होने पर जीवन में मानसिक तनाव शारीरिक परेशानी चिड़चिड़ापन तथा अस्पताल में पैसा खर्च होता है तथा कानूनी कार्यवाही होने की संभावनाएं भी बनी रहती है। मंगल एक क्रूर ग्रह है उसके साथ में राहु केतु का प्रभाव होने के कारण मंगल के अंदर और उग्रता आ जाती है जो अपराधिक प्रवृत्ति का भी कारण है, अंगारक दोष की शांति के लिए शिप्रा नदी पर स्थित उज्जैन में श्री अंगार ईश्वर महादेव पर भात पूजन और संपूर्ण ग्रह शांति विधान किया जाता है, जिससे अंगारक दोष होने पर अंगारक दोष की शांति होती है और सुबह फल की प्राप्ति होती है